-->
राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज में रोज लग रहे 700 को-वैक्सीन के डोज़, जानिए वैक्सीन से जुड़े सवालों के जवाब

राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज में रोज लग रहे 700 को-वैक्सीन के डोज़, जानिए वैक्सीन से जुड़े सवालों के जवाब

रायपुर: कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत देशभर में 16 जनवरी से हो चुकी है. प्रदेश में भी वैक्सीनेशन की शुरुआत हो गई है. अबतक प्रदेश में साढ़े सात लाख से अधिक लोगो को इसकी डोज़ दी जा चुकी है. वहीँ बीते सोमवार से पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में भी को-वैक्सीन लगाने की प्रकिया शुरू की जा चुकी है.
आपको बता दें मेडिकल कॉलेज में रोजाना 700 लोगो को वैक्सीन की डोज़ लगाई जा रही है.आइये जानते हैं वैक्सीन से जुड़े कुछ सवालों के जवाब।

प्रश्न 1. वैक्सीन के संभावित दुष्प्रभाव क्या हैं ?
उत्तर : वैक्सीन के दुष्प्रभाव गंभीर नहीं है इसके दुष्प्राभव केवल सामान्य बुखार आना, हाँथ पैर, सर, में दर्द होना ही है।

प्रश्न 2. टीकाकरण के लाभार्थी को पंजीयन के लिए किन-किन दस्तावेज़ों को आवश्यकता पड़ेगी?
उत्तर: पंजीयन के लिए लाभार्थी के पास आधारकार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लइसेंस को आवश्यकता पड़ेगी।

प्रश्न 3. कैसे पता चलेगा की मैं टीकाकरण के योग्य हूँ या नहीं?
उत्तर : सरकार द्वारा जो 20 रोग चिन्हांकित किये गए हैं,  जैसे ब्लड प्रेसर, शुगर, कैंसर, ह्रदय रोग, आदि जैसे रोगो से ग्रसित साथ ही जो सीनियर सिटिज़न है जिनकी आयु 60 से अधिक है वे इस टीके के योग्य है.

प्रश्न 4. वैक्सीन लगने के बाद क्या बिना मास्क या कोविड़ प्रोटोकॉल का पालन न करना सुरक्षित है? 
उत्तर : देश भर में ऐसे कई मामले आमने आये हैं जिसमें वैक्सीनेशन के बाद भी मरीज फिर से संक्रमित हो गए हैं. इस लिए मास्क के साथ-साथ सरकार  द्वारा निर्धारित सभी प्रोटोकॉल का पालन करना जरुरी है.

प्रश्न 5. कोविड़ शील्ड और को- वैक्सीन में क्या अंतर है?
उत्तर:   दोनो ही वैक्सीन सामान है, दोनों वैक्सीन भारत में ही बने हैं, बस फर्क ये है कि कोविड़ शील्ड पहले आया और को-वैक्सीन बाद में आया व  कोविड़ शील्ड में 10 खुराक बनते थे और को-वैक्सीन में 20 खुराख बनते है.

प्रश्न 6. कोविड़ से स्वस्थ हो चुके व्यक्ति के लिए वैक्सीन जरुरी है ?
उत्तर : कोविड़ से स्वस्थ हो चुके व्यक्ति को एक माह के बाद ज़रूरी है।

प्रश्न 7. अगर कोई दूसरी डोज लगवाने से चूक गया तो क्या करना होगा?
उत्तर :  पहला डोज लेने के 28 दिन बाद अगर कोई व्यक्ति दूसरी डोज़ नहीं ले पाया तो उसे 28वे दिन से लगभग एक हफ्ते के भीतर या कहें पहले डोज़ से  35दिन के भीतर दूसरा डोज़ लेना अनिवार्य हैं.

प्रश्न 8. जिन्होंने कोविड़ के इलाज में प्लाज़्मा थेरेपी ली है क्या उन्हें भी वैक्सीन लगवाने की जरूरत है ?
उत्तर : जिन्होंने कोविड़ के इलाज में प्लाज़्मा थेरेपी ली है उन्हें अपने डॉक्टर के सलाह पर ही वैक्सीन लेना चाहिए।

प्रश्न 9. अगर कोई वैक्सीन नहीं लेना चाहता तो क्या होगा?
उत्तर :  वैक्सीन से डरना नहीं चाहिए। अगर आपको कोविड़ से सुरक्षित रहना है तो प्रोटोकॉल के पालन के साथ-साथ वैक्सीन लगवाना भी बहुत जरुरी है.   

प्रश्न 10. वैक्सीन कितना सुरक्षित है ?
उत्तर :  दोनों ही वैक्सीन बहुत कारगर है. आज टीकाकरण का अहम् रोल है. यह टीका बीमारी से लड़ने के लिए हमारे शरीर में एंटीबाडी का निर्माण करता है. इस लिए हमें इससे बिलकुल भी घबराना नहीं चाहिए।

डॉक्टरों का कहना है की वैक्सीन लगाने के बाद मरीजों को आधा घंटा निगरानी कक्ष में रखा जाता है. जिससे किसी पर भी वैक्सीन का  दुष्प्रभाव/समस्या दिखने पर उसे उचित उपचार मिल सके. साथ ही डॉक्टरों का यह भी कहना है की किसी व्यक्ति को टीका लगने के बाद किसी प्रकार का गंभीर दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिले हैं. इस लिए टीकाकरण से डरे नहीं और वैक्सीन लगवाएं।

82 वर्ष से अधिक आयु वाले दो वृद्धों को भी लगा को-वैक्सीन
कोरोना से लड़ने में हमारे सीनियर सिटीजन भी पीछे नहीं रहें है. वो भी बड़े उत्साह के साथ वैक्सीन लगवा रहे हैं. आपको बता दें रायपुर निवासी लक्ष्मीनारायण उम्र 87 व रुख्मणि बाई उम्र 82 ने भी कोरोना को हराने के लिए पं. जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में को-वैक्सीन की पहली खुराख ली. जिसकी खुराख  स्टाफ नर्स भगवंतिन सिन्हा, त्रिवेणी साहू व संतोष कुमार बर्मन ने दी. जिसके बाद निगरानी कक्ष में उन्हें आधा घंटा बैठाकर देखा भी गया की कहीं कोई समस्या तो नहीं है जिसके बाद उन्हें जाने दे दिया गया। 

1 Response to "राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज में रोज लग रहे 700 को-वैक्सीन के डोज़, जानिए वैक्सीन से जुड़े सवालों के जवाब"

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article